अध्याय 147

सुई मेरी हथेली की तरफ़ तनी हुई थी, लेकिन उसके हाथ काँप रहे थे। वह बहुत देर तक उसे मेरी नस में घुसा ही नहीं पा रहा था।

तभी अचानक क्लिनिक का जर्जर दरवाज़ा लात मारकर खोल दिया गया।

“पुलिस! हिलो मत!”

एंड्रयू सबसे पहले अंदर घुसा, उसके पीछे कई पुलिसवाले थे।

एंड्रयू ने दो तेज़ क़दम आगे बढ़कर उस आदमी को...

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